शायरी

ख्वाहिश

ख्वाहिश है एक बार मिल जाओ, अनकहा  अधुरासा कुछ कहना था…. आशियाने तो हजारो मिलेंगे बस आपके दिल में कूछ पल रहना था… – अमर