शायरी

ख्वाहिश

ख्वाहिश है एक बार मिल जाओ, अनकहा  अधुरासा कुछ कहना था…. आशियाने तो हजारो मिलेंगे बस आपके दिल में कूछ पल रहना था… – अमर

Hindi Poems · शायरी

कही पे महकता हुआ….

कही पे महकता हुआ सुहाना हुस्न है, कही पे दर्दे-ए-दिलो का खामोश सा जश्न है… . कही पे यादोंके, अनकहे फसाने है, कही पे वादोंके, अनचाहे अफसाने है…. कही पे साथ निभाने की कस्मे है, कही पे मगर, साथ रहने की रस्मे है…. कही पे हरदफ़ा चमक है, और सवेरा है, कही पे अंधेरा, हो… Continue reading कही पे महकता हुआ….